ओडिशा के टिटलागढ़ से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। शहर से सरकारी अस्पताल को करीब छह किलोमीटर दूर पिपलपदर स्थानांतरित किए जाने के बाद इलाज में देरी होने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि हाटपदा पाड़ा निवासी रूपा बाग को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हुई और मरीज को ऑटो रिक्शा से अस्पताल ले जाना पड़ा। उनका यह भी आरोप है कि यदि समय रहते मरीज को बलांगीर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
लोगों का आरोप है कि 300 बेड के पुराने अस्पताल को हटाकर केवल 90 बेड की नई इमारत में अस्पताल शुरू कर दिया गया है, जबकि वहां ब्लड बैंक और पर्याप्त आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से पुराने और नए दोनों अस्पतालों को संचालित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
रिपोर्ट: संतोष कुमार नायक | आर हिंदुस्तान टीवी न्यूज़
