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ब्रेकिंग न्यूज़: सिंगरौली की बिंदुल पंचायत में भुगतान पर सवाल, जांच की मांग

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत बिंदुल में सरकारी राशि के खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज भुगतानों के आधार पर विभिन्न सामग्रियों की खरीद और विकास कार्यों की जांच की मांग की जा रही है। आरोप है कि कुछ कार्यों के लिए भुगतान दर्ज होने के बावजूद मौके पर काम नहीं हुआ। वहीं, सामग्री खरीद और अलग-अलग दुकानों के नाम पर किए गए भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

VO — भुगतान के रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत की जांच की मांग

सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत बिंदुल में पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज खर्च को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठ रही है। आरोपों के मुताबिक, पंचायत में निर्माण सामग्री सहित कई तरह की वस्तुओं की खरीदारी के नाम पर भुगतान किया गया है।

मामले में रोजगार सहायक के पिता की दुकान से गिट्टी, सरिया और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री के अलावा नारियल, अगरबत्ती, फूल-माला, पेन और कॉपी खरीदने के नाम पर भुगतान किए जाने का आरोप है। साथ ही, अलग-अलग दुकानों के नाम पर दर्ज भुगतानों की भी जांच की मांग की जा रही है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल उन विकास कार्यों को लेकर है, जिनके लिए भुगतान होने के बावजूद मौके पर काम नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। इन दावों की सच्चाई जानने के लिए भुगतान अभिलेखों और वास्तविक कार्यों का मिलान आवश्यक है।

जांच के दौरान स्वीकृति आदेश, बिल-वाउचर, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र, माप पुस्तिका, मस्टर रोल और सामग्री की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जानी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित दुकानों से हुई खरीदारी और भुगतान की प्रक्रिया की भी जांच जरूरी है।

सबसे बड़ा सवाल: क्या होगी निष्पक्ष जांच?

क्या जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्राम पंचायत बिंदुल के खर्चों की जांच कराएंगे? क्या पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज भुगतान और मौके पर मौजूद विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन होगा? क्या सामग्री खरीद से जुड़े बिलों और भुगतान का विशेष ऑडिट कराया जाएगा?

यदि जांच में वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी।

सरकारी राशि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा करना है। इसलिए भुगतान और कार्यों के बीच किसी भी तरह की विसंगति सामने आने पर उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करना जरूरी है।

फिलहाल, ग्राम पंचायत बिंदुल से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना शेष है।

रिपोर्ट: सऊद पठान, सिंगरौली | R Hindustan TV News

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