जाम सांवली हनुमान मंदिर परिसर में दुकानों की प्रस्तावित सार्वजनिक नीलामी को लेकर लंबे समय से व्यवसाय कर रहे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले 20 से 25 वर्षों से मंदिर परिसर में अपनी आजीविका चला रहे दुकानदारों को किसी प्रकार की प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इसके बजाय अधिकतम बोली लगाने वालों को दुकानें आवंटित करने की तैयारी की जा रही है।

व्यापारियों का आरोप है कि मंदिर जैसे आस्था के केंद्र को व्यावसायिक दृष्टिकोण से संचालित किया जा रहा है, जिससे वर्षों से जुड़े सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इसी मुद्दे को लेकर व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल सौंसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। विधायक ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता के साथ खड़े हैं और किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने 3 अगस्त को कलेक्टर के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन में भी पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

व्यापारियों ने क्षेत्र के नागरिकों से भी अपील की है कि वे 3 अगस्त को तहसील कार्यालय सौंसर पहुंचकर उनके समर्थन में आवाज बुलंद करें, ताकि वर्षों से मंदिर परिसर में व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के हितों की रक्षा हो सके।
मुख्य बिंदु
जाम सांवली मंदिर परिसर की दुकानों की नीलामी का विरोध।
20–25 वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों ने जताई नाराजगी।
पुराने व्यापारियों को प्राथमिकता देने की मांग।
विधायक विजय रेवनाथ चौरे ने न्याय दिलाने का दिया आश्वासन।
3 अगस्त को तहसील कार्यालय सौंसर में ज्ञापन सौंपने की तैयारी।
रिपोर्ट: जितेश ठाकरे
लोकेशन: जिला पांढुर्णा, मध्य प्रदेश
