CITY

सिंगरौली: ₹2.95 लाख आहरित, फिर भी सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू नहीं, सरपंच को नोटिस

सिंगरौली, मध्य प्रदेश।* जिले के जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत शेरवा में 25 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू नहीं होने का मामला सामने आया है। वहीं, आधिकारिक नोटिस में निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही 2 लाख 95 हजार 500 रुपये की राशि आहरित किए जाने का उल्लेख है। मामले में सरपंच बहादुर बसोर को कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

25 लाख की लागत से बनना है सामुदायिक भवन

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत शेरवा में स्टाम्प शुल्क मद के विरुद्ध अनुदान से सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। संबंधित उपयंत्री द्वारा निर्माण स्थल का निरीक्षण कर ले-आउट भी दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि सरपंच बहादुर बसोर ने निर्माण कार्य शुरू कराए बिना 2,95,500 रुपये की राशि आहरित की। प्रशासन ने राशि के उपयोग और निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर जवाब मांगा था। राशि के वास्तविक उपयोग और वर्तमान स्थिति की पुष्टि जांच से होना बाकी है।

पंचायत सचिव से दुर्व्यवहार का भी आरोप

जारी नोटिस में तत्कालीन पंचायत सचिव श्रीमती कल्पना सिंह के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी देने का आरोप भी दर्ज है। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू कराने और राशि के उचित उपयोग को लेकर बातचीत के दौरान अनुचित व्यवहार किया गया। शासकीय राशि को निजी उपयोग में रखने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।

नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य पर सवाल

दस्तावेजों के अनुसार, जनपद पंचायत चितरंगी ने 17 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस क्रमांक 2689 जारी किया था। इसके बाद 16 सितंबर 2026 को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर तीन कार्य दिवस के भीतर राशि जनपद पंचायत के खाते में जमा करने अथवा निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। नोटिस 22 सितंबर 2026 को प्राप्त होने का उल्लेख भी दस्तावेजों में है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से निर्माण कार्य शुरू होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आहरित राशि का उपयोग कहां किया गया और निर्धारित समय में निर्माण शुरू क्यों नहीं हुआ।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मामले में जिला प्रशासन और जिला पंचायत के अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। प्रमुख सवाल हैं कि आहरित राशि की जांच और वसूली के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, निर्माण कार्य कब शुरू होगा और आरोपों की निष्पक्ष जांच कब पूरी होगी।

यदि जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, ग्राम पंचायत शेरवा का यह मामला सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

रिपोर्टर: सऊद पठान | सिंगरौली, मध्य प्रदेश

Related posts

एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: एम्बुलेंस चालक की मौत, चार घायल

prodoxy.ai@gmail.com

शिवपुरी: सांदीपनि विद्यालय में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधरोपण

prodoxy.ai@gmail.com

शिवपुरी: 15 आदिवासी परिवारों के आवासीय पट्टों का मामला जनसुनवाई में पहुंचा, पटवारी पर गलत रिपोर्ट के आरोप

prodoxy.ai@gmail.com

Leave a Comment