हजारीबाग | रिपोर्ट: मनोहर कुमार राज, ब्यूरो चीफ
झारखंड के हजारीबाग सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पित नक्सली बंदियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जेल परिसर में पोल्ट्री फार्मिंग एवं सिलाई-कटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त (डीसी) सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला संरक्षक डॉ. राहुल कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे रिहाई के बाद सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
प्रशासन का मानना है कि कौशल आधारित प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
