खण्डार तहसील के छोटे से गांव सोनकच निवासी एवं वर्तमान में खण्डार निवासी आलोक मथुरिया के NEET-2026 में चयनित होने पर विद्यादायिनी माध्यमिक विद्यालय, खण्डार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार ने आलोक की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

आलोक मथुरिया की सफलता संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। बचपन में ही उनके पिता का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद उनकी माता अनीता मथुरिया ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों और मेहनत-मजदूरी के बावजूद बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। परिवार, समाज और विद्यालय के सहयोग तथा अपनी अथक मेहनत के दम पर आलोक ने NEET-2026 में सफलता हासिल की।
आलोक ने कक्षा 1 से 10 तक की शिक्षा विद्यादायिनी माध्यमिक विद्यालय, खण्डार से प्राप्त की। सम्मान समारोह में संस्थाप्रधान राजेन्द्र प्रसाद मथुरिया सहित गिर्राज प्रसाद, हनुमान प्रसाद और दीपक मथुरिया ने आलोक को माला पहनाकर एवं साफा बांधकर सम्मानित किया। वहीं उनकी माता अनीता मथुरिया का उमा कुमारी गुप्ता, कृष्णा कोली, रानी खान, शिवानी, अनिता मथुरिया और निशा सैन द्वारा माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में आलोक मथुरिया ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों के मार्गदर्शन, माता के त्याग, परिवार के सहयोग और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और ईमानदारी से मेहनत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वक्ता शिवदयाल मथुरिया ने कहा कि अभाव कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते, यदि व्यक्ति में दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत करने का जज़्बा हो। वहीं अभिभावक गोविन्द मथुरिया ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
समारोह के अंत में संस्थाप्रधान राजेन्द्र प्रसाद मथुरिया ने विद्यार्थियों से आलोक की सफलता से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शैलेश सोनी, नरेन्द्र, बनवारी, पवन, नीरज, गिर्राज प्रसाद सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ, अभिभावक एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
