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हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी नहीं हुआ प्रभार हस्तांतरण, अब जांच के घेरे में ग्राम पंचायत हथबंध का मामला

सिमगा। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हथबंध में सचिव के प्रभार हस्तांतरण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा ग्राम पंचायत की ओर से दायर याचिका खारिज किए जाने के बाद भी समय पर प्रभार हस्तांतरण नहीं हो सका। अब इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत के सरपंच ने सचिव के तबादला आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया। अपने आदेश में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तबादला आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है तथा ग्राम पंचायत हथबंध में सचिव के रूप में हीरालाल यादव की नियुक्ति नियमानुसार की गई है।

उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद जनपद पंचायत सिमगा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने 2 अप्रैल 2026 को सभी स्थानांतरित सचिवों को तत्काल प्रभार सौंपने के निर्देश जारी किए थे। आदेश में 6 अप्रैल तक प्रभार हस्तांतरण कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया था। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी सचिव विनोद दास वैष्णव ने अवकाश आवेदन देकर आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद 13 अप्रैल को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

इसके बाद 11 मई 2026 को विनोद दास वैष्णव को ग्राम पंचायत हथबंध के अतिरिक्त प्रभार से विधिवत भारमुक्त कर दिया गया। इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला पंचायत, उप संचालक पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), संबंधित बैंक शाखाओं तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई।

बताया जाता है कि 26 मार्च 2026 को स्थानांतरित सचिव हीरालाल यादव सहायक लेखा आंतरिक दुर्गेश साहू की उपस्थिति में ग्राम पंचायत हथबंध पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सहायक लेखा आंतरिक द्वारा तत्कालीन सचिव को मोबाइल पर सूचना भी दी गई, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे। बाद में हीरालाल यादव ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उनके विरुद्ध झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और भविष्य में भी फंसाए जाने की आशंका के चलते वे पंचायत का भौतिक प्रभार ग्रहण नहीं कर सके।

इसी बीच आरोप सामने आए हैं कि भारमुक्त किए जाने के बाद भी तत्कालीन सचिव द्वारा पंचायत के अभिलेखों का संचालन तथा शासकीय राशि का आहरण किया गया। हाल ही में कलेक्टर जनदर्शन में उपसरपंच, सात पंचों एवं ग्रामीणों ने सरपंच और तत्कालीन सचिव के विरुद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद पंचायत सिमगा ने भारमुक्त सचिव विनोद दास वैष्णव के स्थान पर ग्राम पंचायत हिरमी के सचिव रमेश कुमार बंजारे को ग्राम पंचायत हथबंध का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति हीरालाल यादव के स्थान पर नहीं, बल्कि भारमुक्त किए गए सचिव के स्थान पर की गई है।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। यदि शिकायतों में लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

प्रमुख बिंदु
हाईकोर्ट ने तबादला आदेश को बरकरार रखा।
समय पर प्रभार हस्तांतरण नहीं होने से मामला विवादों में।
भारमुक्त सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप।
उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत।
जांच पूरी होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना।

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