कलेक्टर अर्पित वर्मा का आदेश, हाट-बाजारों में माटी शिल्पियों को मिलेगी निःशुल्क जगह*

शिवपुरी, मध्य प्रदेश। नवरात्रि और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए मिट्टी के दीये, मूर्तियां और सजावटी सामान बनाने वाले कुम्हारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पारंपरिक माटी शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत त्योहारों के दौरान मिट्टी के उत्पाद बेचने वाले कारीगरों से किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाएगा और उन्हें हाट-बाजारों में निःशुल्क जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
कुम्हारों को मिलेगा आर्थिक संबल
प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी कला को बढ़ावा देना और त्योहारों के सीजन में कुम्हार समुदाय को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इससे मिट्टी के दीये, मूर्तियां, खिलौने, सरैया, मटके और अन्य सजावटी सामान बनाने वाले कारीगरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को निर्देश
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हाट-बाजारों में माटी शिल्पियों के बैठने के लिए उचित एवं सुविधाजनक स्थान की व्यवस्था की जाए। साथ ही, त्योहारों के दौरान उनके मिट्टी के उत्पादों की बिक्री पर किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं की जाए।
पारंपरिक कला और स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन की इस पहल से पारंपरिक मिट्टी कला से जुड़े कारीगरों को त्योहारों के दौरान अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय हस्तशिल्प, स्वदेशी उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
रिपोर्टर: जितेंद्र जैन, जिला शिवपुरी।
