रिपोर्टर पंकज शुक्ला
हरियावां (हरदोई)। हरियावां थाना क्षेत्र के बेला कपूरपुर गांव में रविवार की सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। गांव के बाहर बखरिया रोड स्थित आम के पेड़ पर युवक और युवती के शव एक ही डाल से फंदे पर लटके मिले। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। कुछ ही देर में पूरे गांव में मातम और सन्नाटा छा गया।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी #अंकुर (22 वर्ष) पुत्र मूरत और शुभादनी (18 वर्ष) पुत्री स्वर्गीय सुनील के बीच कई वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों एक ही परिवार एवं निकट संबंधी होने के कारण उनके रिश्ते को सामाजिक और पारिवारिक स्वीकृति नहीं मिल सकी। अंकुर का विवाह इसी वर्ष फरवरी माह में हो चुका था, लेकिन बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे को भुला नहीं सके।
शनिवार देर रात दोनों अपने-अपने घरों से निकले और फिर वापस नहीं लौटे। रविवार सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर दोनों के शव एक साथ लटके देखे तो चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अंकुर तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था, जबकि शुभादनी अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान थी। पिता के पहले ही निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उसके कंधों पर थीं। इस घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में हर ओर इसी दर्दनाक घटना की चर्चा है।
थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के लिए एक संदेश
यह घटना सिर्फ दो जिंदगियों का अंत नहीं है, बल्कि एक कड़वी सीख भी है। जीवन की कठिन परिस्थितियां, पारिवारिक मतभेद या सामाजिक दबाव कितने भी बड़े क्यों न हों, उनका समाधान आत्महत्या कभी नहीं हो सकता। एक क्षण का भावनात्मक निर्णय न केवल दो जीवन समाप्त कर देता है, बल्कि पीछे छूटे परिवारों को जीवनभर का ऐसा दर्द दे जाता है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। संवाद, धैर्य और सही मार्गदर्शन ही हर कठिन परिस्थिति का बेहतर रास्ता है।
