सिंगरौली | 27 जून 2026 | आर हिंदुस्तान टीवी न्यूज़
सिंगरौली जिले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी एक आदेश, जिसमें विद्यालयों में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है, चर्चा का विषय बन गया है। आदेश के बाद पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर समय-समय पर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, बिजली और पंखों जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।
पत्रकारों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि सरकारी विद्यालय सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। उनका मानना है कि मीडिया की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने और प्रशासन तक पहुंचाने की होती है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से इस आदेश के पीछे का विस्तृत कारण या आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन इस आदेश पर पुनर्विचार करेगा और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब देगा।
नोट: यह समाचार उपलब्ध आदेश और स्थानीय स्तर पर सामने आए दावों एवं आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
