Uncategorized

शिवपुरी: गड़रोली प्लांटेशन में अनियमितताओं के आरोप, 25 हजार गड्ढों के लक्ष्य के मुकाबले 7 हजार की खुदाई का दावा

खाद, नीमखली, पौधों की देखभाल और निर्माण कार्यों पर उठे सवाल; चार महीने बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं मिलने का शिकायतकर्ता का दावा

शिवपुरी, मध्य प्रदेश। वन विभाग के वन परिक्षेत्र पिछोर की गड़रोली बीट में कराए गए पौधरोपण कार्य को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता ने गड्ढों की खुदाई, खाद-मिट्टी एवं नीमखली के उपयोग, निरीक्षण पथ, पौधों की देखभाल और सुरक्षा दीवार के निर्माण में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में रेंजर ऋषभ बिसारिया और वनरक्षक राजदीप चौहान की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

25 हजार गड्ढों के लक्ष्य के मुकाबले 7 हजार की खुदाई का दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार, प्लांटेशन में लगभग 25 हजार गड्ढे खोदे जाने थे, लेकिन मौके पर करीब 7 हजार गड्ढे ही तैयार किए गए। आरोप है कि शेष गड्ढों के नाम पर खर्च की गई सरकारी राशि में अनियमितता की आशंका है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि निर्धारित संख्या में गड्ढे उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ पौधे इधर-उधर फेंक दिए गए, जबकि कई पौधे सूखने की स्थिति में हैं।

खाद, मिट्टी और नीमखली के उपयोग पर सवाल

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पौधों के बेहतर विकास के लिए गड्ढों में खाद, मिट्टी और नीमखली डालने की व्यवस्था का कथित रूप से पालन नहीं किया गया। इसके अलावा प्रथम एवं द्वितीय निदाई निर्धारित तरीके से नहीं कराए जाने और पौधों के आसपास उचित आकार के थाले नहीं बनाए जाने की शिकायत भी की गई है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन व्यवस्थाओं में कमी के कारण पौधों की देखभाल और उनके विकास पर असर पड़ने की आशंका है। इन दावों की पुष्टि के लिए तकनीकी निरीक्षण और संबंधित रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

निरीक्षण पथ और सुरक्षा दीवार के निर्माण पर भी उठे सवाल

शिकायतकर्ता ने प्लांटेशन में निरीक्षण पथ नहीं बनाए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही मजदूरों के ठहरने के लिए झोपड़ी, गेट और सुरक्षा दीवार के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है। सुरक्षा दीवार के निर्धारित आकार और निर्माण की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग उठाई गई है।

600 श्रमिकों के खातों से भुगतान का आरोप

शिकायत में दूसरे जिले गुना के लगभग 600 श्रमिकों के बैंक खातों का उपयोग कर भुगतान निकाले जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने भुगतान प्रक्रिया और जांच में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति, बैंक खातों में किए गए भुगतान और सरकारी राशि के उपयोग से जुड़े आरोपों की पुष्टि मस्टर रोल, बैंक भुगतान विवरण, विभागीय अभिलेखों और तकनीकी जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

चार महीने बाद भी जांच रिपोर्ट का इंतजार

शिकायतकर्ता का दावा है कि शिकायत किए करीब चार महीने बीतने के बाद भी उसे जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। अब मामले को वरिष्ठ वन अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर गड्ढों की वास्तविक संख्या, पौधों की स्थिति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की गई सरकारी राशि का भौतिक सत्यापन करे। साथ ही मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट की भी पड़ताल की जाए।

निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

गड़रोली प्लांटेशन से जुड़े इन आरोपों पर अब वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

रिपोर्ट: जितेंद्र जैन

Related posts

चरही घाटी में बनेगा नन्हे हनुमान का भव्य मंदिर, सावन पूर्णिमा पर रखी गई नींव

prodoxy.ai@gmail.com

विकास की राह देखता परेली ग्राम पंचायत

prodoxy.ai@gmail.com

हरदोई में प्रसूता की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

prodoxy.ai@gmail.com

Leave a Comment